सेवाएं देने वाली मौजूदा कंपनी से परेशानी है या उनकी दी जा रही सुविधाओं से आप खुश नहीं है तो आपके पास अब बिजली कंपनी बदलने और इच्छानुसार नई कंपनी चुनने का अधिकार होगा. ये ठीक वैसे ही काम करेगा जैसे कि आप किसी टेलीकॉम कंपनी की सेवाओं से नाखुश होते हैं तो दूसरी टेलीकॉम कंपनी पर पोर्ट करते हैं. दरअसल, सोमवार से मानसून सत्र शुरू हो रहा है.

क्या फायदा है इस बिल का 

इस बिल के आने के बाद निजी कंपनियों के लिए बिजली वितरण के क्षेत्र में आने का रास्ता खुल जाएगा, क्योंकि लाइसेंस लेने की जरूरत खत्म हो जाएगी, इससे प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी.

मॉनसून सत्र में पेश हो सकता है बिल

पावर एंड रीन्यूएबल एनर्जी मिनिस्टर आर के सिंह के अनुसार, सरकार को सोमवार को शुरू होने वाले मॉनसून सत्र में Electricity Amendment Bill 2021 पेश कर सकती है. अगर ऐसा हुआ तो ये पावर डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में एक बड़ा रिफॉर्म होगा, जो उपभोक्ताओं को एक बड़ी ताकत देगा.

कई बिजली वितरण कंपनियां होने से ग्राहकों को लाभ 

बिजली उपभोक्ताओं के पास भी उनके क्षेत्र में सेवाएं दे रही इन्हीं में से कोई एक कंपनी को चुनने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं होता है. प्रस्तावित बिल के आने के बाद मौजूदा वितरण कंपनियां अपनी सेवाएं जारी रखेंगी, लेकिन उसी क्षेत्र में दूसरी बिजली वितरण कंपनियां भी पावर सप्लाई का बिजनेस कर सकेंगी.

नई कंपनियों को रजिस्टर करना होगा 

ऐसी कंपनियां जो बिजली वितरण के कारोबार में उतरना चाहती हैं, उन्हें केंद्र सरकार योग्यता शर्तों का पालन करना होगा और बिजली वितरण शुरू करने से पहले खुद को वाजिब कमीशन के साथ रजिस्टर्ड करना होगा, कमीशन को भी कंपनी को 60 दिन के अंदर रजिस्टर्ड करना होगा.

बिजली काटी तो देना होगा हर्जाना

इस बिल में उपभोक्ताओं को ज्यादा ताकतवर बनाया गया है, अगर कोई कंपनी बिना बताए बिजली काटती है तो उसे उपभोक्ताओं को हर्जाना देना होगा.  बिजली कंपनी को बिजली काटने से पहले उपभोक्ता को इसकी जानकारी देनी होगी.

 

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