ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हमें इसका जीता जागता उदहारण देखने को मिला। पहला टेस्ट मैच हारने के बाद विराट कोहली पैटर्निटी लीव पर स्वदेश लौट आए थे। उस दौरान क्रिकेट के पंडितों ने भारत के 0-3 या फिर 0-4 से सीरीज हारने की भविष्यावाणी कर दी थी। किसी को भरोसा नहीं था कि विराट कोहली के बिना यह टीम जीत सकती है। लेकिन तब रहाणे की कप्तानी में टीम एकजुट होकर खेली और ऑस्ट्रेलिया को उसी की सरजमीं पर लगातार दूसरी बार मात दी। इस दौरान रोहित शर्मा, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे ने रन बनाने का जिम्मा उठाया। इससे यह तो साफ हो गया कि कोहली की बल्लेबाजी पर अब टीम निर्भर नहीं है। टीम के अन्य खिलाड़ी भी मैच जीता सकते हैं।

हम यह नहीं कह रहे कि विराट कोहली की अब टीम इंडिया को जरूरत है या फिर टीम इंडिया को उनके बिना खेलना चाहिए। विराट कोहली अभी भी किंग है और उनकी गिनती ऑल टाइम ग्रेट बल्लेबाजों में हमेशा की जाएगा। मगर कोहली ने अब ऐसी टीम तैयार कर दी है जो उनपर निर्भर हुए बिना भी जीतना जानती है

 

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